नृत्य एक थेरेपी

आज के युग में डांस का उपयोग लोग थेरेपी के तोर पे भी करने लगे | क्योंकि इसमें हमारी पूरे शरीर की कसरत हो जाती है तोह लोगों का मानना है की हम डांस को अपने आप को तंदरुस्त व् मजबूत रक्खणे क लिए भी कर सकते है | आज क युग में नृत्य का लोगों में बहुत प्रेम है | हालाँकि लोगों को यह भी लगता है की इसमें आगे करियर भी है ,जिससे हम खुद का और घरवालों का खर्चा भी उठा सकते हैं|डांस के द्वारा आज के युग के नौजवान फिल्मों में भी कोशिश कर रहे हैं , अपने उज्जवल भविष्य के लिए |परन्तु अब वह पहले वाली बात नहीं रही है,जिसके चलते लोग आसानी से अपने आप को इसमें निपुण कर लेते थे,क्योंकि आज के युग में कम्पटीशन बढ़ गया है और लोग जी जान लगा के मेहनत भी कर रहे हैं|जितनी म्हणत होगी उतना अच्छी मेहनत होगी उतना अच्छा अपरिणाम मिलेगा|

डॉक्टरों ने भी यह घोषित कर दिया है की डांस में एक शक्ति है जो एक मृत्य व्यक्ति को भी उठा सकती है|हम डांस को अपने शरीर के बेहतर उपयोग और अपने आप को चुस्त दुरुस्त करने के लिए भी रख सकते हैं|फरक बास इतना आगया है की पहले कुछ गिने चुने डांस के प्रकार होते थे जैसे की भारत नाट्यम ,कत्थक ,भंगड़ा,सालसा आदि लेकिन आज के युग में अनेक भाँती के डांस के प्रकार हैं,और लोगों को इससे उनकी इच्छा वाला डांस फॉर्म भी मिल रहा है और इसी बहाने वह अपने आप को चुस्त और तंदरुस्त भी रख पा रहे हैं|

न जाने आजकल कितनी हे प्रकार की बीमारियों ने इंसान को घेर रखा है,न खाने में स्वछता न पीने का पानी स्वच्छ,न आस पास सफाई और यह एक दुखद बात है क्योंकि जहाँ इंसान रहता है काम से काम वह तोह वो सफाई रख ही सकता है लेकिन आज कल लोगों की बुद्धि ब्रष्ट होती जा रही है|वह सोचते हैं की अगर वो हे साफ़ न करे तोह हम लोग क्यों करे|और इसी चक्कर में गंदगी बढ़ती जा रही है और उसके परिणाम स्वरुप  लोग तरह तरह की बीमारियों से घिरे हुए हैं|प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जो स्वछता मुहीम चलायी गयी है उसका लोगों पे बहुत असर पड़ा है और लोग अब अपने आस पास सफाई रखने लगे|

बॉम्बे शहर को नृत्य का मुख्या केंद्र माना जाता है|जहाँ हर दिन लाखो लोग नृत्य सीखते हैं|एक बात यह भी है की जहाँ आपको कम्पेतितों मिलेगा वह आप कुछ ज्यादा हे मेहना टी करोगे और उसका परिणाम यह होगा की आप उस चीज़ में धीरे धीरे निपुण होने लग जाओगे |बॉलीवुड में डांस की हीरोइन माधुरी दीक्षित को कहा जाता है और डांस के गुरु हृथिक  रोशन को कहा जाता है,उन्हें दूसरा माइकल जैक्सन भी कहा जाता है|डांस की मदद से तोह लकवा लगा हुआ आदमी भी अगर कोशिस कसर तोह एक दिन उसके भी पैर थिरकने लगते हैं|

आजकल डॉक्टरों ने दवाई की बजे डांस को एक थेरेपी में उपयोग करना शुरू कर दिया है जिसके परिणाम स्वरुप लोग इस चीज़ से बहुत खुश हैं और उनमे डांस के प्रति एक नयी जागरूकता आयी है और वह इसमें बढ़ चढ़ क ख़ुशी से हिस्सा ले रहे हैं और यह एक बहुत हे अछि बात है की वह दवाई खा खा कर शरीर को खोखला तोह नहीं कर रहे|आज के इस युग में अगर इंसान थोड़ा भोत समय अगर नृत्य को दे रहा है तोह ये बहुत बड़ी बात है और इससे वह खुद का हे फायदा कर रहा है|आने वाले समय में लोगों की इसकी सख्त जरुरत पड़ने वाली है ताकि वह अपने आप को स्वस्थ रख सके |

 

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